Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर कल इस शुभ मुहूर्त में बांधें राखी, जानें क्या रहेगी पूजन विधि

रक्षाबंधन भारत का एक प्रमुख पारंपरिक त्योहार है जो भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित होता है। यह पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। 2025 में रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं।

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर कल इस शुभ मुहूर्त में बांधें राखी, जानें क्या रहेगी पूजन विधि

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर कल इस शुभ मुहूर्त में बांधें राखी, जानें क्या रहेगी पूजन विधि

इस ब्लॉग पोस्ट में आप जानेंगे:

  • रक्षाबंधन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • पूजन विधि और राखी बांधने का सही तरीका

  • रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथाएं

  • 2025 में रक्षाबंधन के विशेष संयोग

  • त्योहार को खास बनाने के सुझाव


📅 रक्षाबंधन 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

इस वर्ष रक्षाबंधन 9 अगस्त 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा।

🔸 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:

  • मुख्य मुहूर्त: सुबह 10:20 बजे से दोपहर 01:42 बजे तक

  • वैकल्पिक मुहूर्त: शाम 04:15 बजे से 06:55 बजे तक

🔸 भद्रा काल:

  • भद्रा काल: सुबह 05:35 बजे से 10:20 बजे तक

  • भद्रा पूंछ समाप्त होते ही राखी बांधने का शुभ समय शुरू हो जाएगा।

नोट: शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित होता है। इसलिए शुभ फल प्राप्त करने के लिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधें।


🧿 रक्षाबंधन 2025: पूजन विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)

रक्षाबंधन के दिन केवल राखी बांधना ही नहीं, बल्कि पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करना अत्यंत आवश्यक होता है। यहाँ बताई गई विधि को अपनाकर आप त्योहार का धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ ले सकते हैं।

🔹 1. घर की सफाई और स्नान

  • दिन की शुरुआत प्रातः काल स्नान करके करें।

  • साफ-सुथरी पोशाक पहनें और पूजा स्थान को सजाएं।

🔹 2. पूजन सामग्री एकत्र करें

  • राखी, रोली, चावल (अक्षत), दीपक, अगरबत्ती

  • मिठाई (बर्फी/लड्डू), नारियल, रक्षा सूत्र

  • फूल और थाली

🔹 3. भाई को पूजा के लिए बिठाएं

  • भाई को उत्तर दिशा की ओर बिठाएं।

  • थाली में रोली, चावल, राखी और मिठाई रखें।

🔹 4. तिलक और राखी

  • भाई के माथे पर तिलक लगाएं।

  • अक्षत (चावल) लगाएं और दीपक से आरती करें।

  • राखी बांधते समय मंत्र का उच्चारण करें:

“ॐ यं बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”

🔹 5. मिठाई खिलाएं और आशीर्वाद लें

  • मिठाई खिलाकर भाई से आशीर्वाद लें।

  • भाई भी बहन को उपहार या आशीर्वाद स्वरूप शगुन देता है।


📖 रक्षाबंधन की पौराणिक कथाएं

➤ द्रौपदी और श्रीकृष्ण

जब श्रीकृष्ण को चोट लगी, तो द्रौपदी ने अपने आँचल से रक्त रोकने के लिए पट्टी बांधी। बदले में श्रीकृष्ण ने उसकी रक्षा का वचन दिया, जिसे उन्होंने चीरहरण के समय निभाया।

➤ राजा बलि और लक्ष्मी

भगवान विष्णु ने वामन अवतार में बलि से वचन लेकर पाताल में स्थान लिया। लक्ष्मी जी ने बलि को राखी बांधी और अपने पति विष्णु को पाताल से बाहर लाईं। तभी से रक्षा सूत्र की परंपरा प्रचलित हुई।


🪔 2025 में रक्षाबंधन के विशेष संयोग

  • शनिवार का दिन – शनि की कृपा से भाई की दीर्घायु की विशेष कामना।

  • सिंह राशि में चंद्रमा – यह स्थिति पारिवारिक सौहार्द और प्रेम को बढ़ाती है।

  • रवि योग – जिससे किया गया कार्य शुभ फल देता है।

  • भद्रा समाप्ति से शुभ मुहूर्त की शुरुआत – विशेष महत्व रखती है।


🎁 कैसे बनाएं रक्षाबंधन 2025 को और भी खास?

✨ कुछ बेहतरीन सुझाव:

  1. इको-फ्रेंडली राखी का चयन करें

    • पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोडिग्रेडेबल राखी चुनें।

  2. दूर रहने वाले भाई को डिजिटल राखी भेजें

    • वीडियो कॉल के ज़रिए राखी का भावनात्मक आदान-प्रदान करें।

  3. बच्चों के लिए DIY राखी एक्टिविटी करें

    • यह पारिवारिक जुड़ाव को बढ़ाएगा और बच्चों को परंपरा सिखाएगा।

  4. राखी के साथ पौधा उपहार में दें

    • यह एक सकारात्मक संदेश देगा।


📝 निष्कर्ष (Conclusion)

रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बंधन है। यह प्रेम, सम्मान और सुरक्षा के वचन का पर्व है। रक्षाबंधन 2025 को सही शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और शुद्ध भावना से मनाकर आप इस पर्व की वास्तविक गरिमा को अनुभव कर सकते हैं।

इस रक्षाबंधन पर अपने प्रियजनों को याद करें, उन्हें स्नेह से गले लगाएं और यह वचन दो – “जब तक साँस है, रक्षा का ये बंधन अटूट रहेगा।”


📌 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. रक्षाबंधन 2025 कब है?
A: 9 अगस्त 2025, शनिवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।

Q2. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है?
A: सुबह 10:20 बजे से दोपहर 01:42 बजे तक और शाम 04:15 से 06:55 तक।

Q3. क्या भद्रा काल में राखी बांध सकते हैं?
A: नहीं, भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है।

Q4. क्या रक्षाबंधन पर उपवास रखना चाहिए?
A: कुछ परंपराओं में बहनें पूजा से पहले उपवास रखती हैं।


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