📜 भूमिका:
भारत माता की जय! 🚩
पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Attack 2025) के बाद पूरे देश में जो आक्रोश है, उसका मुख्य कारण सिर्फ सीमा पार से आए आतंकवादी नहीं हैं।
असल में, एक कड़वा सच भी सामने आया है – स्थानीय गद्दारों (Over Ground Workers – OGWs) का भी इस हमले में हाथ था।
NIA और अन्य एजेंसियों ने अब तक 15 स्थानीय कश्मीरियों की पहचान कर ली है, जिन्होंने पाकिस्तानी आतंकियों को खुला समर्थन दिया।
आइए पूरे घटनाक्रम को Sanatan दृष्टिकोण से विस्तार से समझते हैं। 🚩

🔥 1. पहलगाम अटैक: लोकल सपोर्ट की पोल खुली
पहलगाम हमले को अंजाम देना बिना लोकल सपोर्ट के असंभव था।
जिन 15 कश्मीरी गद्दारों की पहचान हुई है, उन्हें Over Ground Workers (OGWs) कहा जा रहा है।
इन गद्दारों ने:
आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया (रहने की जगह, ट्रांसपोर्ट)
हथियार और गोला-बारूद पहुँचाए
सुरक्षा बलों की मूवमेंट की जानकारी दी
नकदी, सिम कार्ड्स, मोबाइल और कम्युनिकेशन डिवाइसेस मुहैया कराई
🚩 यानी यह हमला सिर्फ बॉर्डर पार से आया आतंक नहीं था, यह घर के भेदी लंका ढाने वाले गद्दारों का भी षड्यंत्र था।
🔥 2. Over Ground Workers कौन होते हैं?
Over Ground Workers (OGWs) वो लोकल लोग होते हैं जो सीधे लड़ाई में शामिल नहीं होते लेकिन आतंकियों को:
रहने का ठिकाना देते हैं
भागने में मदद करते हैं
इंटेलिजेंस लीक करते हैं
हथियार और फंडिंग का बंदोबस्त करते हैं
🚩 संक्षेप में: अगर ये न होते, तो हमला भी न होता।
🔥 3. ऑपरेशन क्लीन अप: क्या हो रहा है?
सरकार का एक्शन अब सख्त हो गया है:
जिन आतंकियों का घर था, उन्हें बम से उड़ा दिया गया।
OGWs की प्रॉपर्टी सीज की जा रही है।
NIA ने पूरा केस टेकओवर कर लिया है।
UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत गिरफ्तारी हो रही है।
1500 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं।
🚩 इस बार जेसीबी नहीं, सीधे बम से साफ़ किया जा रहा है। जय हो!
🔥 4. पाकिस्तान का रोल: फिर वही गंदा खेल
अटैक की प्लानिंग मुजफ्फराबाद (POK) में हुई थी।
हैंडलर्स ने हवाला और क्रिप्टो के जरिए फंड ट्रांसफर किया।
हमले से पहले आतंकियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी।
TRF और लश्कर-ए-तैयबा ने सीधे इसमें भूमिका निभाई।
🚩 सीधा मतलब: पाकिस्तान आतंकवाद का कारखाना है।
🔥 5. क्यों ज़रूरी है लोकल गद्दारों पर कार्रवाई?
यदि लोकल सपोर्ट हट जाए, तो आतंकवाद 24 घंटे में खत्म हो सकता है।
Over Ground Workers को पकड़ना मतलब आतंकवाद की नाली को बंद करना।
De-Radicalization Programs, Community Policing, और Surveillance को बढ़ाया जा रहा है।
🚩 अब नकेल कसनी ही पड़ेगी, नहीं तो भविष्य में ऐसे हमले रुकेंगे नहीं।
🌟 निष्कर्ष:
पहलगाम हमला सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं थी।
यह हमारे बीच छुपे हुए गद्दारों की पहचान का भी सबसे बड़ा खुलासा था।
अब समय आ गया है कि हर गद्दार को सबक सिखाया जाए।
सरकार को और तेज़ी से कार्रवाई करनी चाहिए।
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और आंतरिक गद्दारी – दोनों का जड़ से सफाया आवश्यक है।
🚩
जय सनातन!
वंदे मातरम!
भारत माता की जय!
✍️ Signature:
Guruji Sunil Chaudhary
Founder – Career Building School & JustBaazaar
Top Digital Success Coach | Author – Power of Thoughtful Action
📩 Email: sunil@justbaazaar.com
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