केजरीवाल का नया झूठ: बीजेपी ने यमुना में ज़हर मिलाया?

नई दिल्ली: जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता अरविंद केजरीवाल की नई-नई बयानबाज़ी सामने आ रही है। ताज़ा मामला यमुना नदी में ज़हर मिलाने का है, जिसके आरोप उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और हरियाणा सरकार पर लगाए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई हरियाणा सरकार दिल्ली के लोगों को मारने की साज़िश कर रही है या यह केवल चुनावी ड्रामा है?

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केजरीवाल का नया झूठ, बीजेपी पर यमुना में ज़हर मिलाने का आरोप! क्या यह चुनावी नौटंकी है या सच्चाई? जानिए पूरी रिपोर्ट।

केजरीवाल का बड़ा आरोप

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि हरियाणा की बीजेपी सरकार यमुना नदी में ज़हर मिला रही है ताकि दिल्ली के लोगों को दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़े। उन्होंने इसे “जनसंहार” (Mass Genocide) करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने समय रहते इस पानी को दिल्ली की जनता तक पहुँचने से रोक दिया।

AAP नेता अतिशी और भगवंत मान ने भी इस आरोप को दोहराते हुए इसे “जल आतंकवाद” (Water Terrorism) कहा और चुनाव आयोग से बीजेपी पर कार्रवाई की मांग की।

लेकिन सवाल यह है कि क्या केजरीवाल का यह दावा सच्चाई पर आधारित है या यह महज़ एक और राजनीतिक नौटंकी है?


मोदी का करारा जवाब: “मैं भी यही पानी पी रहा हूँ!”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल के इस आरोप का करारा जवाब देते हुए कहा:

“क्या हरियाणा की सरकार मोदी को मारना चाहती है? क्या यही पानी मैं नहीं पी रहा? दिल्ली के जज, अधिकारी, आम जनता—सब यही पानी पी रहे हैं, तो क्या बीजेपी सभी को मारना चाहती है?”

मोदी ने इस बयान को “शर्मनाक और भ्रामक” करार दिया और जनता से सवाल किया कि क्या चुनाव जीतने के लिए इतना गिर जाना जायज़ है?


क्या सच में ज़हरीला हो गया है यमुना का पानी?

AAP ने दावा किया कि यमुना नदी में अमोनिया का स्तर 7 PPM (Parts Per Million) तक पहुँच गया है, जो कि हानिकारक हो सकता है।लेकिन जब दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से इसकी पुष्टि मांगी गई, तो उन्होंने इस दावे को “तथ्यहीन और आधारहीन” बताया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने केजरीवाल पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा:
“हरियाणा सरकार दिल्ली को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। लेकिन केजरीवाल को पानी की समस्या से ज़्यादा, अपनी राजनीति बचाने की चिंता है।”

बीजेपी ने चेतावनी दी कि अगर केजरीवाल इस आरोप पर माफ़ी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।


AAP की पुरानी नौटंकी: झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ, फिर U-Turn लो!

केजरीवाल और उनकी पार्टी पर झूठ बोलने और फिर बैकफुट पर आने का इतिहास रहा है। पहले उन्होंने कहा था कि वो जनलोकपाल लाएँगे, फिर खुद ही लोकपाल को कमज़ोर कर दिया।

  • 2013 में: कहा कि वे सरकारी बंगले नहीं लेंगे—आज शीशमहल में बैठे हैं।
  • 2015 में: कहा कि यमुना को साफ़ करेंगे—आज भी यमुना पहले से बदतर है।
  • 2022 में: कहा कि फ्री बिजली देंगे—लेकिन दिल्ली में बिजली के बिल आसमान छू रहे हैं।

अब जब यमुना की सफ़ाई का वादा पूरा नहीं हुआ, तो सारा दोष बीजेपी पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।


जनता क्या कह रही है?

दिल्ली के लोगों का कहना है कि पानी की समस्या केवल चुनाव के समय ही क्यों उठती है?

जनता के कुछ बयान:
🚩 “अगर केजरीवाल को सच में दिल्ली की फिक्र होती, तो पिछले 11 सालों में यमुना साफ़ क्यों नहीं हुई?” – रोहित, करोल बाग
🚩 “हरियाणा का पानी ही दूषित होता, तो पीएम मोदी भी इसे क्यों पीते?” – अंजलि, लक्ष्मी नगर
🚩 “AAP ने बस वादे किए, पर कोई काम नहीं किया।” – रवि, द्वारका


अंत में सवाल: केजरीवाल जी, आप कब तक झूठ बोलते रहेंगे?

दिल्ली में चुनाव नज़दीक हैं और आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट आ रही है। ऐसे में यह साफ़ है कि केजरीवाल अपनी राजनीतिक नैया पार लगाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।

अब दिल्ली को तय करना है:
सच्चाई, विकास और मोदी जी की सरकार
AAP की झूठ, भ्रष्टाचार और नाटकबाज़ी

दिल्ली वालों, अब झूठ को पहचानिए और सही सरकार को वोट दीजिए! 🚩

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