✨ Kashmiriyat: The Eternal Spirit of Sanatan Kashmir

🌺 What is Kashmiriyat? – “Kashmiriyat” एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना है, जिसकी जड़ें सनातन धर्म, कश्मीरी पंडितों और माँ शारदा के आशीर्वाद में रची-बसी हैं।

👉 Kashmiriyat का अर्थ है:

  • सहिष्णुता (Tolerance)

  • समरसता (Inclusiveness)

  • सांस्कृतिक गौरव (Cultural Pride)

  • सनातन मूल्यों पर आधारित जीवन (Sanatan Values Based Life)

परंतु आज प्रश्न उठता है:
क्या बिना कश्मीरी हिंदुओं के वास के, Kashmiriyat जीवित रह सकती है?

उत्तर है — ❌ नहीं!

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✨ Kashmiriyat: The Eternal Spirit of Sanatan Kashmir


📜 Historical Roots of Kashmiriyat

🌿 कश्मीर का स्वर्णिम इतिहास:

  • कश्मीर का नाम “Kashyapa-Mira” यानी “ऋषि कश्यप की झील” से आया।

  • माँ शारदा का पावन धाम – शारदा पीठ, शिक्षा और ज्ञान का अंतरराष्ट्रीय केंद्र।

  • कश्मीर में हजारों सनातन मंदिर थे, जहां गीता, वेद और उपनिषद पढ़ाए जाते थे।

  • कश्मीर, अद्वैत वेदांत, शैव दर्शन और संस्कृत साहित्य का जन्मस्थल था।

👉 Kashmiriyat का मूल आधार सदैव सनातन धर्म और कश्मीरी पंडितों की संस्कृति रही है।


🛡️ How Kashmiriyat was Destroyed?

1990 का कश्मीरी पंडितों का निष्कासन (Exodus):

  • सांप्रदायिक कट्टरता के कारण 4 लाख से अधिक कश्मीरी हिंदुओं को अपने घर छोड़ने पड़े।

  • “Raliv, Galiv, Chaliv” (Convert, Die or Flee) का नारा देकर हिंदुओं को धमकाया गया।

  • हजारों मंदिर तोड़े गए, हजारों लोग मारे गए।

👉 यह सनातन विरोधी षड्यंत्र Kashmiriyat के वास्तविक मूल को जड़ से नष्ट करने का प्रयास था।


🚩 Kashmiriyat Today: Myth vs Reality

 

Fake KashmiriyatTrue Kashmiriyat
पर्यटकों को होटल में बिठाकर चाय पिलानामाँ शारदा के धामों में आरती गूंजना
नाटकबाज़ी के candle marchesमंदिरों के घंटे और शंखनाद
बिना हिंदुओं के Normalcy का झूठा प्रचारकश्मीरी हिंदुओं की वापसी और सम्मान
वामी, जिहादी नरेटिवसनातन चेतना और वास्तविक अखंड भारत

👉 असली Kashmiriyat वही होगी जब displaced Kashmiri Hindus फिर से घाटी में अपने घरों में लौटेंगे!


🔥 Why Restoration of Real Kashmiriyat Matters?

✅ सनातन मूल्यों की रक्षा
✅ भारत के आध्यात्मिक नक्शे की पूर्णता
✅ न्याय और मानवता की पुनर्स्थापना
✅ इतिहास के जख्मों का मरहम

👉 कश्मीरियत की पुनर्स्थापना भारत के सम्मान और अखंडता का अनिवार्य हिस्सा है।


🛕 What Must be Done to Revive True Kashmiriyat?

  1. कश्मीरी हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना।

  2. टूटे हुए मंदिरों का पुनर्निर्माण।

  3. Real history को स्कूलों और Colleges में पढ़ाना।

  4. Anti-Sanatan एजेंडों का खुलकर विरोध।

  5. Young generation को असली कश्मीर का गौरव बताना।


✨ Final Thought: Kashmiriyat = Sanatan Kashmir

🚩 “Kashmiriyat” कोई tourism campaign नहीं है।
🚩 “Kashmiriyat” कोई hollow secular slogan नहीं है।
🚩 “Kashmiriyat” है सनातन सत्य — माँ शारदा की पावन धरोहर।

जब तक अंतिम कश्मीरी हिंदू अपने मूल घर लौटकर मंदिर में दीपक नहीं जलाएगा, Kashmiriyat अधूरी रहेगी।

और इस लक्ष्य के लिए हम सबको, हर सनातनी को, उठ खड़ा होना होगा।


🚩 जय कश्मीरियत! जय सनातन! भारत माता की जय! वंदे मातरम्! 🚩

🛡️ किसने खत्म की Kashmiriyat? – Detailed and Elaborated

🎯 शुरुआत में Kashmiriyat क्या थी?

कश्मीरियत मतलब —
👉🏻 एक सनातनी आत्मा
👉🏻 शांति और सह-अस्तित्व का भाव
👉🏻 ऋषियों, मुनियों, तपस्वियों की भूमि
👉🏻 शारदा पीठ का ज्ञान केंद्र
👉🏻 मंदिरों की घंटियों की गूंज में पली-बढ़ी संस्कृति
👉🏻 जहाँ ज्ञान, तप और करुणा मुख्य मूल्य थे

कश्मीर में असली कश्मीरियत तब थी जब वहां कश्मीरी हिंदू (कश्मीरी पंडित) हर गली, हर गांव, हर पहाड़ पर अपने धर्म और परंपरा के साथ पूरी श्रद्धा से रहते थे।

Sanatan Culture = Kashmiriyat था, कोई डाउट नहीं।


🛑 फिर कश्मीरियत को किसने मारा?

अब सीधी बात, बिना घुमाए-फिराए:

1. 🕌 इस्लामी आक्रमण और जबरन धर्मांतरण

  • 14वीं सदी से कश्मीर में मुस्लिम आक्रमणकारी आए।

  • सबसे पहले मीर शम्सुद्दीन इराक़ी जैसे कट्टरपंथियों ने शिया इस्लाम फैलाया और हिंदुओं पर ज़ुल्म ढाए।

  • हजारों साल पुरानी सभ्यता पर जबरदस्ती तलवार के जोर पर इस्लाम थोपना शुरू हुआ।

“जहाँ तलवार से धर्म बदलता है, वहाँ संस्कृति मरती है।”

2. 🔥 कश्मीरी पंडितों का नरसंहार और पलायन (Exodus of 1990)

  • 1990 में कश्मीरी हिंदुओं को कहा गया:
    🔹 “Ya Raastaa Badlo, Ya Laash Ban Jao” (Convert, Run or Die)

  • हजारों हिंदू मारे गए, हजारों की बहन-बेटियां बेइज्जत की गईं।

  • मंदिरों को तोड़ा गया, मठों को जलाया गया।

  • पूरे कश्मीर से सनातन का अस्तित्व खत्म कर दिया गया।

  • पंडित अपने ही वतन में शरणार्थी बन गए।

👉🏻 Kashmiriyat का पहला खून इसी पलायन से हुआ।

3. 🎭 छद्म सेकुलरिज्म और साजिशें

  • कश्मीरियत की झूठी बातें करने वाले सेकुलर नेता, वामपंथी लेखक और बिकी हुई मीडिया —
    👉🏻 असली अत्याचार छुपाते रहे।
    👉🏻 आतंकी मानसिकता को “आज़ादी की लड़ाई” बताते रहे।
    👉🏻 दुनिया को धोखा देते रहे कि “कश्मीरियत जिंदा है।”

सच ये है कि बिना कश्मीरी हिंदू के कोई कश्मीरियत नहीं हो सकती।


🚨 असली गुनहगार कौन हैं?

 

गुनहगारअपराध
इस्लामिक आक्रमणकारीसनातन धर्म और मंदिर संस्कृति को नष्ट करना
1990 के आतंकवादीनरसंहार, पलायन, भय का माहौल बनाना
वामपंथी लेखक-मीडियासच को छुपाना, झूठा नैरेटिव फैलाना
कुछ सेकुलर नेताआतंकियों का परोक्ष समर्थन करना
अंतरराष्ट्रीय ताकतेंभारत के टुकड़े करने का एजेंडा बढ़ाना

🔥 तो अब करना क्या है?

  • जब तक कश्मीरी पंडित वापस नहीं लौटते, कश्मीरियत पुनर्जीवित नहीं होगी।

  • असली कश्मीरियत तभी लौटेगी जब:
    👉🏻 शारदा पीठ फिर से ज्ञान का केंद्र बने
    👉🏻 मंदिरों की घंटियां फिर से गूंजें
    👉🏻 सनातन मूल्यों का सम्मान हो
    👉🏻 हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन सभी सुरक्षित महसूस करें


🚩 निष्कर्ष:

“Kashmiriyat खत्म नहीं हुई — उसे योजनाबद्ध तरीके से मारा गया।”
“कश्मीरियत को पुनर्जीवित करने का काम अब हर सनातनी का धर्म है।”

🙏🏻 “जब तक एक भी कश्मीरी हिंदू वापस नहीं आएगा, तब तक कश्मीरियत केवल एक झूठा प्रचार रहेगा।”
🙏🏻 “जय सनातन! जय भारत!” 🚩

🔥 1990 का कश्मीर: हिंदुओं पर क़यामत

🎯 पृष्ठभूमि — 1980 के दशक में क्या माहौल था?

  • 1980 के दशक के आखिर में कश्मीर घाटी में अलगाववादी सोच को विदेशी ताकतों (पाकिस्तान, ISI) ने हवा देना शुरू कर दिया था।

  • आतंकवादी संगठनों जैसे — JKLF (Jammu Kashmir Liberation Front) — ने खुलेआम नारे लगाए:
    👉🏻 “आजादी का मतलब — ला इलाहा इलल्लाह!”
    👉🏻 “हिंदू भागो, पाकिस्तान आ रहा है!”

मतलब साफ़ था — धार्मिक सफाया (Religious Cleansing) करना।


⚡ 19 जनवरी 1990 — सबसे काली रात

19 जनवरी 1990 की रात को:

  • मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से ऐलान हुआ:
    👉🏻 “Hindu पुरुष भाग जाओ, औरतें छोड़ जाओ!”
    👉🏻 “Ya Raasta Badlo, Ya Laash Ban Jao!” 👉🏻 “Convert to Islam, leave Kashmir, or die.”

  • पूरी रात कश्मीर घाटी में:
    👉🏻 भड़काऊ भाषण,
    👉🏻 हिंदुओं के खिलाफ खुलेआम नफरत,
    👉🏻 लिस्ट जारी — किसे मारना है, किसे भगाना है।

  • कश्मीरी हिंदू परिवार डर के मारे घरों में दुबक गए।


🚨 क्या हुआ उसके बाद?

1. 🩸 नरसंहार (Massacre)

  • हजारों कश्मीरी हिंदुओं की हत्या कर दी गई।

  • महिलाओं के साथ अमानवीय अत्याचार किए गए।

  • छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा गया।

“धर्म पूछकर कत्ल” किया गया —
नाम पूछा जाता था, “कलमा पढ़ो,” नहीं पढ़ पाए तो गोली मार दी जाती थी।

2. 🏚️ सम्पत्ति लूटी और कब्जाई गई

  • घरों में घुसकर लूटपाट की गई।

  • मंदिरों को तोड़ा गया, मूर्तियां अपवित्र की गईं।

  • कश्मीरी पंडितों की जमीनें, घर, दुकानें, खेत — सब जबरदस्ती हथिया ली गईं।

3. 🛑 सरकार का निकम्मापन

  • उस वक़्त जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला थे, जो तुरंत इस्तीफा देकर भाग गए।

  • केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी, जो कुछ कर ही नहीं पाई।

  • न कोई सेना भेजी गई, न कोई ठोस एक्शन।

“हिंदुओं को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।”

4. 🏃‍♂️ पलायन (Exodus)

  • लगभग 3.5 लाख से ज़्यादा कश्मीरी हिंदू अपनी जमीन-जायदाद छोड़कर रातों-रात जम्मू, दिल्ली और अन्य भागों में शरण लेने को मजबूर हो गए।

  • टेंटों, रेफ्यूजी कैंपों में गंदगी, बीमारी, भूख और तिरस्कार भरा जीवन शुरू हुआ।

जो लोग कभी कश्मीरियत के असली संरक्षक थे, उन्हें बेघरबार कर दिया गया।


😡 किसने किया यह सब?

 

अपराधीभूमिका
पाकिस्तानी ISIआतंकवाद को फंडिंग और ट्रेनिंग देना
JKLF और अन्य आतंकी संगठनसीधा नरसंहार और धमकी अभियान
स्थानीय चरमपंथी मुस्लिम भीड़घरों, दुकानों पर हमले करना
जम्मू-कश्मीर की सरकारआंखें मूंद लेना और भगोड़ा रवैया
केंद्र सरकारनिष्क्रियता और लचर रुख

💔 परिणाम क्या हुआ?

  • 90% से ज़्यादा कश्मीरी हिंदू घाटी से उजड़ गए।

  • 30 साल से ज़्यादा समय हो गया, वे आज भी अपने घर नहीं लौट पाए हैं।

  • आज भी उनकी जमीने, घर, मंदिर कब्जे में हैं।

  • “कश्मीर घाटी में सनातन की जोत बुझ गई।”


🔥 कश्मीरियत का सबसे बड़ा झूठ

आज भी “कश्मीरियत” की बात करने वाले लोग:

  • असली पीड़ितों (कश्मीरी पंडितों) की चर्चा नहीं करते।

  • 1990 के नरसंहार पर चुप रहते हैं।

  • वही सेक्युलर गैंग आज भी “हमारी शान है कश्मीरियत” का ढोल पीटती है, लेकिन बिना हिंदू वापसी के कौन सी कश्मीरियत?


🚩 निष्कर्ष

“कश्मीर में 1990 में हिंदुओं के साथ जो हुआ, वह सिर्फ पलायन नहीं था — वह एक सोची-समझी साजिश थी सनातन को खत्म करने की।”

“कश्मीर की घाटी से मंदिरों की घंटियों को खामोश करने की कोशिश थी।”

“लेकिन याद रखो — सनातन मिटता नहीं, उठता है, और जब उठता है तो तूफान बन जाता है।” 🚩

FAQs about 1990 Kashmiri Hindu Exodus with Detailed Answers


1. 1990 में कश्मीर में हिंदुओं के साथ क्या हुआ था?

👉🏻 1990 में सुनियोजित तरीके से कश्मीरी हिंदुओं पर आतंकियों ने हमला बोला।
👉🏻 हत्या, बलात्कार, लूटपाट और धमकियों से उन्हें रातोंरात अपनी जमीन-जायदाद छोड़नी पड़ी।
👉🏻 ये एक धार्मिक सफाया (Religious Cleansing) था।


2. कितने कश्मीरी हिंदू विस्थापित हुए थे?

👉🏻 लगभग 3.5 लाख से ज्यादा कश्मीरी हिंदू अपने घर-बार छोड़कर जम्मू, दिल्ली और अन्य हिस्सों में शरणार्थी बन गए।


3. हत्याएं कैसे की गईं?

👉🏻 नाम पूछकर धर्म की जांच की जाती थी।
👉🏻 कलमा पढ़ने को कहा जाता था।
👉🏻 जो न पढ़ पाए — उन्हें गोली मार दी जाती थी।


4. महिलाओं के साथ क्या अत्याचार हुआ?

👉🏻 महिलाओं के साथ गैंगरेप हुए।
👉🏻 अपहरण कर उन्हें इस्लाम में कन्वर्ट किया गया।
👉🏻 हत्या के बाद उनके शव तक को अपमानित किया गया।


5. कौन-से आतंकी संगठन शामिल थे?

👉🏻 JKLF (Jammu Kashmir Liberation Front),
👉🏻 Hizbul Mujahideen,
👉🏻 Lashkar-e-Taiba आदि संगठनों ने मिलकर यह हिंसा फैलाई थी।


6. क्या सरकार ने कुछ किया उस समय?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 उस वक्त की राज्य सरकार (फारूक अब्दुल्ला) ने इस्तीफा दे दिया था।
👉🏻 केंद्र सरकार (वीपी सिंह) निष्क्रिय रही।


7. क्या सेना भेजी गई थी मदद के लिए?

👉🏻 समय रहते कोई सेना नहीं भेजी गई।
👉🏻 न कोई राहत कैंप, न कोई सैन्य सुरक्षा तुरंत प्रदान की गई।


8. क्या ये केवल कुछ चरमपंथियों का काम था?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बड़े हिस्से ने आतंकियों का समर्थन किया।
👉🏻 हिंदू पड़ोसियों को लिस्ट बनाकर सौंपा गया।


9. क्या मंदिरों को भी नुकसान पहुँचाया गया?

👉🏻 हां, सैकड़ों मंदिर तोड़े गए।
👉🏻 मूर्तियों का अपमान किया गया।
👉🏻 कई मंदिर आज भी खंडहर बने पड़े हैं।


10. क्या कश्मीरी हिंदू अब लौट पाए हैं?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 आज भी उनका पुनर्वास नहीं हो पाया है।
👉🏻 जिनके घर थे, वे अब दूसरों के कब्जे में हैं।


11. क्या यह पलायन स्वैच्छिक था?

👉🏻 बिल्कुल नहीं।
👉🏻 यह भय, हिंसा और धमकी से मजबूरन किया गया पलायन था।


12. कश्मीरियत का क्या हुआ?

👉🏻 असली कश्मीरियत — जो सहिष्णुता और सनातन प्रेम थी — 1990 में मार दी गई।
👉🏻 अब जो “कश्मीरियत” की बात करते हैं, वो केवल दिखावा है।


13. ‘Raliv, Galiv ya Chaliv’ का मतलब क्या है?

👉🏻 कश्मीरी में नारा लगाया गया:
👉🏻 “Raliv, Galiv ya Chaliv”
👉🏻 मतलब: मुस्लिम बनो, मरो या भागो।


14. कश्मीर के मुसलमानों ने हिंदुओं की मदद क्यों नहीं की?

👉🏻 कुछेक ने कोशिश की, पर सामूहिक रूप से बहुसंख्यक समाज आतंकियों के साथ खड़ा हो गया था।
👉🏻 या तो डर के मारे चुप थे या समर्थन कर रहे थे।


15. 1990 के हमले का मकसद क्या था?

👉🏻 घाटी को Hindu-free Islamic State बनाना।
👉🏻 “Nizam-e-Mustafa” लागू करना।


16. कश्मीरी हिंदुओं को किस तरह की धमकियां दी गईं?

👉🏻 चिट्ठियां भेजी गईं,
👉🏻 दरवाजों पर क्रॉस निशान बनाए गए,
👉🏻 घरों के बाहर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए।


17. क्या मीडिया ने उस समय सच दिखाया था?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 मीडिया ने बहुत हद तक सच्चाई दबा दी थी।
👉🏻 “सेकुलरिज्म” के नाम पर खबरें तोड़ी-मरोड़ी गईं।


18. क्या यह केवल आतंकवाद था?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 यह Religious Cleansing (धार्मिक नरसंहार) था, Targeted Attack Against Hindus था।


19. कश्मीरी हिंदुओं की क्या स्थिति थी पलायन के बाद?

👉🏻 टेंट में रहने को मजबूर,
👉🏻 भीषण गरीबी,
👉🏻 बीमारी और अपमान का जीवन।


20. क्या आज भी कोई न्याय मिला है?

👉🏻 नहीं।
👉🏻 आज तक कोई बड़े पैमाने पर अपराधी सजा नहीं पाए।


21. क्या धारा 370 हटने के बाद हालात बदले हैं?

👉🏻 कुछ हद तक स्थिति सुधरी है।
👉🏻 लेकिन अभी भी पुनर्वास अधूरा है।


22. क्या इस घटना पर कोई बॉलीवुड फिल्म बनी?

👉🏻 हां,
👉🏻 ‘The Kashmir Files’ — जिसने इस दर्द को दुनिया के सामने रखा।


23. भारत सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

👉🏻 पुनर्वास योजनाएं बनीं,
👉🏻 नौकरियों के लिए कोटा बना,
👉🏻 परंतु वापसी Ground Reality में अभी भी नहीं हो पाई।


24. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का क्या रुख था?

👉🏻 अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस नरसंहार पर ज्यादा आवाज नहीं उठाई गई।
👉🏻 पश्चिमी मीडिया ने इसे दबाया।


25. क्या कश्मीरी हिंदू आतंकवाद का शिकार बने?

👉🏻 हां।
👉🏻 वे दुनिया के सबसे बड़े शांतिपूर्ण समुदायों में से एक हैं जो आतंक का शिकार हुए।


26. क्या कश्मीरी हिंदू वापस लौटना चाहते हैं?

👉🏻 हां।
👉🏻 लेकिन जब तक सुरक्षा और न्याय की गारंटी नहीं मिलती, वापसी संभव नहीं है।


27. क्या सरकार ने मंदिरों के पुनर्निर्माण की योजना बनाई है?

👉🏻 हां, लेकिन बहुत धीरे।
👉🏻 सैकड़ों मंदिर अभी भी पुनर्स्थापन की प्रतीक्षा में हैं।


28. क्या अभी भी कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ नफरत है घाटी में?

👉🏻 कुछ हद तक हां।
👉🏻 मानसिकता अभी भी पूरी तरह नहीं बदली।


29. क्या आज भी कश्मीरी हिंदू Camps में रह रहे हैं?

👉🏻 हां, जम्मू और दिल्ली में आज भी हजारों परिवार Camps में नारकीय स्थिति में जीवन बिता रहे हैं।


30. कश्मीरी हिंदुओं की वापसी कैसे होगी?

👉🏻 सुरक्षित वातावरण,
👉🏻 उनके घर और मंदिर लौटाए जाएं,
👉🏻 अपराधियों को सजा दी जाए,
👉🏻 तभी असली “कश्मीरियत” जिंदा होगी।

📜 Table: जब-जब हिंदुओं को इस्लामिक आतंक और आक्रमण से पलायन करना पड़ा

 

क्रमांकसमय / कालखंडस्थानमुख्य कारणपरिणाम
1712 ईस्वीसिंध (मोहम्मद बिन कासिम का आक्रमण)इस्लामिक आक्रमण, कत्लेआम, धर्मांतरणसिंध के हजारों हिंदू मारे गए या धर्म बदलवाया गया
21192 ईस्वीदिल्ली और उत्तर भारत (मोहम्मद गौरी)इस्लामिक विजय, मंदिरों का विध्वंस, हिंदुओं का नरसंहारदिल्ली और आसपास का हिंदू समाज मारा गया या गुलाम बनाया गया
31206–1526 (दिल्ली सल्तनत काल)सम्पूर्ण उत्तर भारतइस्लामी सल्तनतों द्वारा जबरन धर्मांतरण, मंदिर तोड़नालाखों हिंदू गुलाम बनाए गए, हजारों मंदिर तोड़े
41398 ईस्वीदिल्ली (तैमूर का आक्रमण)जनसंहार और महिलाओं का अपहरणदिल्ली में लाखों हिंदू मारे गए और औरतें बंदी बनाई गईं
51568 ईस्वीचित्तौड़गढ़ (अकबर का आक्रमण)जबरन धर्मांतरण या मौत का प्रस्तावजौहर हुआ, हजारों हिंदू महिलाओं ने आत्मदाह किया
617वीं शताब्दीमहाराष्ट्र, कर्नाटक (औरंगज़ेब काल)मंदिरों का विध्वंस, जबरन धर्मांतरणहिंदू राजाओं के साथ जनता भी पलायन करने को मजबूर
71757 के बादबंगाल (नवाब सिराजुद्दौला और अन्य)इस्लामी शासकों की क्रूरताबंगाल के हिंदुओं ने पलायन किया
81947पूरा पंजाब, सिंध, बंगाल (भारत विभाजन)इस्लामिक लीग द्वारा नरसंहार, दंगे, बलात्कार10 लाख से ज्यादा हिंदू और सिख मारे गए, 2 करोड़ पलायन करने पर मजबूर
91990कश्मीर घाटीआतंकवादियों द्वारा सुनियोजित हिंदू सफाया3.5 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडित शरणार्थी बने

🔥 विशेष उल्लेख:

अनेक बार इतिहास में, हिंदुओं ने आत्म-सुरक्षा के लिए युद्ध लड़ा या आत्माहुति दी।
आज भी बंगाल, केरल, कश्मीर, असम जैसे क्षेत्रों में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
कई ऐतिहासिक शहर जो सनातन धर्म के केंद्र थे, आज वहाँ हिंदू विरासत के केवल खंडहर बचे हैं।

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🌟 Kashmiriyat का मतलब क्या है? (For Those Who Don’t Know History)

✨ 1. Kashmiriyat का मूल अर्थ क्या है?

Kashmiriyat एक शब्द नहीं है,
Kashmiriyat एक आत्मा है।
यह उस सनातन संस्कृति का दूसरा नाम है, जिसने हज़ारों वर्षों तक कश्मीर की घाटी को आध्यात्मिकता, सह-अस्तित्व और शांति का संदेशवाहक बनाया।

  • कश्मीरियत का मतलब था —
    ➡️ इंसानियत में आस्था।
    ➡️ सनातन विचारों पर गर्व।
    ➡️ देवी शारदा की भूमि को ज्ञान की नगरी बनाना।
    ➡️ शिवत्व का उत्सव मनाना।
    ➡️ संतुलन और करुणा से जीना।

असल कश्मीरियत में धर्म के नाम पर भेद नहीं था।
हर मंदिर से घंटा बजता था। हर घर में नाद-बिंदु की साधना होती थी।


✨ 2. कश्मीरियत का इतिहास — कब और कैसे बना?

  • हजारों साल पहले जब ऋषि कश्यप ने कश्मीर की झील को सुखाया,
    तब से यह भूमि सनातन धर्म का गढ़ बनी।

  • महर्षि वसिष्ठ, महर्षि दुर्वासा, और आदि शंकराचार्य तक ने इस भूमि को अपना ध्यानस्थल बनाया।

  • कश्मीर घाटी कभी ज्ञान का केंद्र थी — शारदा पीठ विश्वविद्यालय दुनिया भर में प्रसिद्ध था, जिसे आज ‘गूगल’ का पूर्वज कह सकते हैं।

👉 Real Kashmiriyat = Kashmiri Pandits, Sanskrit, Shaivism, Vedanta, and Global Peace Message.


✨ 3. कश्मीरियत किसने बर्बाद की?

  • असली कश्मीरियत तब टूटी जब 14वीं सदी में इस्लामिक आक्रमण हुए।

  • उसके बाद धीरे-धीरे कश्मीर को तलवार के बल पर बदला गया।

  • 1990 में, जब हजारों कश्मीरी हिंदुओं को चुन-चुन कर मारा गया, बलात्कार हुए, कत्लेआम हुआ,
    तब शेष बचे हिंदू परिवार भी अपनी जन्मभूमि छोड़ने पर मजबूर हो गए।

असलियत ये है कि कश्मीर से जब हिंदू भगाए गए, तभी असली कश्मीरियत खत्म हो गई।
आज जो “कश्मीरियत” के नाम पर बातें होती हैं, वह एक राजनीतिक नौटंकी है, असली भावना नहीं।


✨ 4. आज की पीढ़ी को क्यों जानना चाहिए Kashmiriyat?

  • क्योंकि अगर आप अपने इतिहास को नहीं जानेंगे,
    तो भविष्य में भी वही अन्याय आपके साथ दोहराया जाएगा।

  • क्योंकि Kashmiriyat = Sanatan Dharma का असली रूप है।

  • क्योंकि Kashmiriyat एक प्रेरणा है — दुनिया को सहिष्णुता और प्रेम सिखाने की।

👉 आज Kashmiriyat को पुनर्जीवित करने का एक ही रास्ता है —
कश्मीरी हिंदुओं की घर वापसी और सनातन संस्कृति का पुनर्स्थापन।


🔥 Guruji Style Closing

कश्मीरियत कोई नारा नहीं,
कश्मीरियत सनातन आत्मा की साक्षात गवाही है।
जब तक कश्मीरी हिंदू अपने घर न लौटें,
कश्मीरियत अधूरी है, अपमानित है।

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✨ Kashmiriyat क्या है? – वास्तविक सनातनी अर्थ

Kashmiriyat कोई केवल हिन्दू-मुस्लिम मेल-जोल या एक ‘कॉस्मेटिक’ भाईचारे का विचार नहीं था,
बल्कि सनातन संस्कृति का एक जीवंत रूप था —
जहाँ कश्मीर घाटी को ‘शारदा पीठ’ के रूप में जाना जाता था,
जहाँ से संस्कृत ज्ञान, वेद-वेदांत, कश्मीरी शैववाद और अद्वैत दर्शन पूरी दुनिया में फैले।

👉 असली Kashmiriyat की जड़ें हैं:

  • ऋषि कश्यप द्वारा बसाई गई भूमि।

  • महर्षि दुर्वासा, आदि शंकराचार्य और अबिनवगुप्त जैसे मनीषियों की साधना स्थली।

  • शिव और शक्ति की साधना का केन्द्र।

  • शारदा देवी के ज्ञानमंदिर की भूमि।

Kashmiriyat का आधार सदैव सनातन धर्म था, न कि 16वीं सदी के किसी राजनीतिक सुल्तान का अहसान।
Wikipedia जैसा झूठ कि Kashmiriyat 16वीं सदी में बनी — यह तथ्यहीन है।
कश्मीर की आत्मा हजारों वर्षों से सनातन है।


✨ Kashmiriyat और “धार्मिक मेलजोल” का मिथक

Wikipedia और सेकुलर इतिहासकारों का कहना कि “कश्मीरियत हिन्दू-मुस्लिम संस्कृति का मिश्रण है” —
यह भी अर्धसत्य है।

➡️ असल में, मुसलमानों का आगमन तो मध्यकालीन आक्रमणों के बाद हुआ।
➡️ इस्लामिक आक्रमणों से पहले कश्मीर घाटी में 100% हिंदू और बौद्ध आबादी थी।
➡️ मुसलमान बाद में आए, और तलवार के बल पर धर्मान्तरण हुए।

Kashmiriyat का मूल चरित्र सनातनी था
जिसमें बाद में सुफिज्म के कुछ प्रभाव आए, लेकिन मूलत: सनातन संस्कृति थी।


✨ कौन थे Kashmiriyat के असली रक्षक?

  • कश्मीरी पंडित — जो हज़ारों साल से घाटी के मूल निवासी रहे।

  • सनातनी संत और योगी — जैसे लल देद (लल्लेश्वरी), जिनकी शिक्षाएँ कश्मीरी शैववाद पर आधारित थीं, न कि किसी इस्लामिक विचारधारा पर।

  • शारदा पीठ के आचार्यगण, जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और दर्शन की मशाल जलाए रखी।

❌ Wikipedia जैसी जगहों पर गलत ढंग से दिखाया जाता है कि Sultan Zain-ul-Abidin ने Kashmiriyat को जन्म दिया।
➡️ सच यह है:
Zain-ul-Abidin के समय हिंदू धर्म का बचा-खुचा हिस्सा बस थोड़ा जीवित रहने दिया गया था — कोई ‘समरसता’ का स्वर्ण युग नहीं था।


✨ असली Kashmiriyat की हत्या कब और कैसे हुई?

1990 में पाकिस्तानी इस्लामिक आतंकवाद के कारण:

  • हज़ारों कश्मीरी हिंदुओं की हत्याएं हुईं।

  • हजारों हिंदू महिलाओं का बलात्कार हुआ।

  • मंदिरों को अपवित्र किया गया।

  • जन्मभूमि छोड़ने पर मजबूर कर दिए गए सनातनी।

🔥 यह वही दिन था जब Kashmiriyat का आखिरी संस्कार हो गया।
जो भी आज “Kashmiriyat जिंदा है” का नाटक कर रहे हैं, वे छल कर रहे हैं।


✨ आज की चुनौतियाँ और सनातनी पुनरुद्धार

  • आज जो भी Kashmiriyat की बातें करते हैं, पहले यह साबित करें:
    ➡️ क्या कश्मीरी हिंदू सुरक्षित वापस लौटे हैं?
    ➡️ क्या शारदा पीठ पुनर्जीवित हुआ है?
    ➡️ क्या शिवालयों के घंटे फिर से बज रहे हैं?

जब तक ये नहीं होता, Kashmiriyat की बातें सिर्फ़ राजनीतिक नौटंकी हैं।

👉 सच्चा उपाय:
🔥 कश्मीरी पंडितों की वापसी।
🔥 शारदा पीठ का पुनर्निर्माण।
🔥 घाटी में पुनः सनातन धर्म का संस्थापन।
🔥 आतंकियों और अलगाववादियों का समूल नाश।

जहाँ से सनातन धर्म को निष्कासित कर दिया जाए,
वहाँ कोई संस्कृति जीवित नहीं रहती।
कश्मीरियत तभी जीवित होगी
जब कश्मीरी हिंदू पुनः अपने धूप से सुवासित मंदिरों में प्रार्थना करेंगे।

🚩 जय सनातन | जय कश्मीर | भारत माता की जय | वंदे मातरम् 🚩

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