प्रिय मित्र,
मैं आपको एक सच्ची, कड़वी लेकिन ज़रूरी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। यह कहानी है सलीम वास्तिक की – एक ऐसे शख्स की जिसने अपने पूरे मजहबी सिस्टम को खंगाला, समझा, और फिर उससे बाहर निकलकर सनातन धर्म की गोद में आ गया।
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🔥 सबसे बड़ा शिकार: खुद मुसलमान
सलीम जी बोलते हैं –
“इस्लाम सबसे पहले मुसलमान को ही खाता है, फिर बाकी कौम को।”
उनकी बात सुनने के बाद लगता है कि सच में जो सिस्टम एक मजहब के नाम पर बच्चों का भविष्य खा रहा है, महिलाओं को खेती समझ रहा है, और हर सवाल का जवाब जिहाद और सेक्स में खोजता है, वो मानवता का नहीं, हवस और हिंसा का मजहब बन जाता है।

📚 कुरान और मोहम्मद: क्या सच में खुदा का पैगाम?
सलीम जी ने बताया कि उन्होंने जब कुरान को तर्जुमे के साथ पढ़ा, तो उन्हें झटका लगा।
कुरान कोई आसमानी किताब नहीं थी –
“कुछ बाइबल से उठाया गया, कुछ तोरा से, कुछ सनातन से – और मिला-जुलाकर एक भानुमती का कुनबा बनाया गया। उसका नाम रखा कुरान और ऊपर से बोल दिया – अल्लाह की किताब है।”
उन्होंने मोहम्मद साहब के बारे में हदीसों को पढ़ा – वहां की कहानियाँ किसी पैगंबर की नहीं, एक मानसिक विकृति से भरे इंसान की लगती हैं।
6 साल की आयशा से निकाह, डेढ़ साल की बच्ची पर गंदी नज़र, बेटे की बहू से संबंध… यह सब कुछ हदीसों में लिखा हुआ है – और सलीम जी ने रिफरेंस नंबर तक दिए।
🚫 मदरसे: शिक्षा नहीं, शोषण की फैक्ट्री
सलीम जी का अनुभव चौंकाने वाला है –
“मदरसे में ज्ञान नहीं मिलता, सिर्फ़ कट्टरता और दुराचार मिलता है।”
बच्चों के साथ यौन शोषण
ब्रेनवाश
हथियारों की ट्रेनिंग
जिहाद की भावना भरना
ये सब कुछ वो खुद देख चुके हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह मस्जिदों में हथियार बिकते थे, और उन्हीं हथियारों से उनके परिवार का नुकसान हुआ।
💣 जिहाद: सिर्फ़ आतंक नहीं, ज़मीन और मोहब्बत पर भी हमला
जिहाद केवल हथियारों से नहीं होता –
लव जिहाद
लैंड जिहाद
शिक्षा जिहाद
भीख जिहाद
हर जिहाद के पीछे एक साजिश है – भारत को भीतर से तोड़ने की।
🕋 वक्फ बोर्ड: लैंड जिहाद का सरगना
वक्फ बोर्ड का सच भी उन्होंने उजागर किया –
“यह लैंड जिहाद चला रहे हैं। अरबों-खरबों की संपत्ति जो मुसलमानों के नाम पर है, वो कुछ मौलाना खा रहे हैं। गरीब मुसलमान के लिए कुछ नहीं हो रहा।”
👳♀️ मुस्लिम महिलाओं की हालत: डर, दहशत और दलदल
तीन तलाक़
हलाला
पीरियड में शोषण
पर्दा
शिक्षा से दूरी
मुस्लिम महिलाएं डर के माहौल में जी रही हैं, लेकिन उन्हें यही बताया गया कि यही उनकी किस्मत है।
🧠 “सोचो तो सच्चाई दिखेगी” – यही कहते हैं सलीम
उन्होंने बार-बार कहा –
“अगर मुसलमान एक बार कुरान और हदीस पढ़ ले – बिना किसी मुल्ला की मदद के – तो खुद ही समझ जाएगा कि उसके साथ क्या धोखा हुआ है।”
🧭 सनातन की ओर वापसी: स्वास्तिक बना वास्तविक
सलीम जी ने अपना नाम बदला – वास्तिक रखा।
“स्वास्तिक से वास्तविक इसलिए निकाला – क्योंकि मैं अब सच बोलता हूँ, और सिर्फ़ वही मानता हूँ जो मानवता और प्रकृति की पूजा करता है।”
उनके लिए सनातन धर्म मतलब –
कर्तव्य
मानवता
प्रकृति
सोच और विवेक
🇮🇳 भारत का मुसलमान – पढ़ा लिखा हो, तो नफ़रत नहीं होगी
सलीम जी का मानना है –
“भारत के मुसलमान अगर डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बन जाएं तो कोई उनसे नफ़रत नहीं करेगा। लेकिन जब तक मदरसों से कट्टरता सीखते रहेंगे, पत्थर चलाते रहेंगे, तब तक दुनिया भी उन्हें शक की नज़र से देखेगी।”
🧠 अंतिम विचार: जागिए, सोचिए, फिर फैसला लीजिए
प्रिय मित्र,
यह कोई नफ़रत का लेख नहीं है – यह एक जागृति का आह्वान है।
अगर एक मुसलमान जिसने पूरा जीवन इस्लाम में बिताया, वह आज यह कह रहा है कि वह गुमराह था, तो क्या हमें नहीं सोचना चाहिए?
🙏 सनातन धर्म में कोई जबरदस्ती नहीं है – यहां सिर्फ़ विवेक है।
🧠 सोचने की छूट है।
🕊️ और यही आज की सबसे बड़ी आज़ादी है।
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