अटल बिहारी वाजपेयी: तीन बार प्रधानमंत्री और उनका देश के लिए अमिट योगदान

भारतीय राजनीति के एक अजात नेता, अटल बिहारी वाजपेयी, जिन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा और समर्पण से भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। वाजपेयी जी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने, पहली बार 1996 में मात्र 13 दिनों के लिए, दूसरी बार 1998 से 1999 तक और तीसरी बार 1999 से 2004 तक।

अटल बिहारी वाजपेयी: तीन बार प्रधानमंत्री और उनका देश के लिए अमिट योगदान

उनका राजनीतिक सफर असाधारण था और उन्होंने केंद्रीय सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उनके कार्यकाल में भारत ने पोखरण- II परमाणु परीक्षण किया, जिससे भारत को एक परमाणु सशक्त राष्ट्र के रूप में मान्यता मिली।

वाजपेयी जी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिबरलाइजेशन को आगे बढ़ाया, जिससे भारतीय बाजार विश्व बाजार से जुड़ सके। उन्होंने सड़क परिवहन को बढ़ावा देने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना की शुरुआत की, जिससे भारत के चार प्रमुख महानगरों को जोड़ा गया।

उनकी विदेश नीति भी सराहनीय थी, खासकर लाहौर शिखर सम्मेलन जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति और सद्भावना की नई पहल की। वाजपेयी जी का मानना था कि संवाद और दोस्ती ही दो पड़ोसी देशों के बीच शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

अपने संयमी नेतृत्व, कविता और भाषण कला के लिए विख्यात अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 2018 में हुआ, परंतु उनके द्वारा देश के लिए किए गए योगदान हमेशा भारतीय इतिहास में स्मरणीय रहेंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी की प्रमुख उपलब्धियां

अटल बिहारी वाजपेयी, जो भारतीय राजनीति के एक दिग्गज स्तंभ थे, उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं जिन्होंने भारत की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तिथि को मजबूत किया।

  1. पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998): वाजपेयी सरकार के सबसे उल्लेखनीय फैसलों में से एक था पोखरण-II परमाणु परीक्षण। 1998 में राजस्थान के पोखरण में किए गए इस परीक्षण ने भारत को विश्व के परमाणु सशक्त राष्ट्रों की सूची में शामिल कर दिया। इससे भारत की सुरक्षा नीति और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया।
  2. स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना: वाजपेयी सरकार ने भारत की सड़क परिवहन प्रणाली को बदलने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना की शुरुआत की, जिससे भारत के चार मुख्य महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को उच्च-गति राजमार्गों के माध्यम से जोड़ा गया। इसने व्यापार, परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा दिया।
  3. टेलीकॉम सेक्टर में सुधार: वाजपेयी सरकार के दौरान भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में क्रांतिकारी सुधार किए गए, जिससे दूरसंचार सेवाओं में भारी वृद्धि हुई। नई टेलीकॉम नीति (NTP) 1999 के अंतर्गत लाइसेंस फीस के स्थान पर राजस्व साझेदारी मॉडल को अपनाया गया, जिससे टेलीकॉम उद्योग को बड़ी राहत मिली।
  4. विदेश नीति और शांति पहल: वाजपेयी जी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार के लिए कई पहल की। 1999 में लाहौर बस यात्रा और लाहौर घोषणा ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापना की एक नई संभावना प्रस्तुत की। हालांकि कारगिल युद्ध ने इस प्रयास को झटका दिया, पर वाजपेयी जी की शांति के प्रति प्रतिबद्धता अडिग रही।
  5. शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार: उनके कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार किए गए। ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के तहत शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।

अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान ने भारत को आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर किया और उनकी उपलब्धियां आज भी भारतीय समाज और राजनीति में उनके अमिट चिन्ह के रूप में मौजूद हैं।

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