Akhilesh Yadav Silent on Dimple Yadav Insult

✍️ प्रस्तावना – राजनीति की परछाई में एक पति

क्या राजनीति इतनी बेरहम हो गई है कि एक पति को अपनी पत्नी के अपमान पर भी चुप रहना पड़ता है?
क्या अखिलेश यादव का “बुज़दिल मौन” सिर्फ़ एक राजनीतिक चाल है या वो किसी विचारधारा के दबाव में हैं?
क्या डिंपल यादव के साथ जो हुआ वो एक “राजनीतिक स्त्रीविरोध” है या “हिंदू स्त्री की बेइज़्ज़ती”?
इन सारे सवालों का जवाब सिर्फ़ राजनीति में नहीं, संविधान, चरित्र और सांस्कृतिक विवेक में छिपा है।


🔍 अनुभाग 1: अखिलेश का दोहरा चरित्र – हिंदू मुद्दों पर मौन क्यों?

अखिलेश यादव जैसे वरिष्ठ नेता जब किसी मौलाना द्वारा किसी महिला—डिंपल यादव—को सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने पर एक शब्द नहीं बोलते, तो ये सिर्फ़ कायरता नहीं, बल्कि राजनीतिक अवसरवादिता भी है।

🔸 “ऑपरेशन महादेव” पर मज़ाक उड़ता है — अखिलेश चुप
🔸 डिंपल यादव को मस्जिद में बैठने पर मौलाना अपमानित करता है — अखिलेश चुप
🔸 कारसेवकों की मौत का समर्थन करने वाले बयान आते हैं — अखिलेश चुप

👉 पर क्यों?

❝ क्योंकि कहीं मुसलमान नाराज़ न हो जाएं और वोटबैंक खिसक न जाए ❞

इस्लामिक वोट की तुष्टि के लिए, अखिलेश जी जैसे नेता अपने ही समाज की महिलाओं, देवी-देवताओं और परंपराओं का अपमान सहन कर लेते हैं।


🕋 अनुभाग 2: डिंपल यादव और मस्जिद विवाद — क्या महिला अपवित्र है?

मस्जिद में बैठी डिंपल यादव की तस्वीर पर साजिद रशीदी ने नजिश शब्द का उपयोग किया।
नजिश = मल, टट्टी, अपवित्र — यह शब्द क़ुरान के सूरह-ए-तौबा आयत 9:28 में आया है।
उसमें कहा गया है — मूर्ति पूजक (हिंदू) अपवित्र हैं

🚩 एक महिला को, एक हिन्दू महिला को, एक पत्नी को — ये अपमानित करता है और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौन रहता है?

👉 और विडंबना देखिए, जब साजिद रशीदी को SP के कुछ कार्यकर्ताओं ने थप्पड़ मारे, तो उन्हें ही पार्टी से निकाल दिया गया!
मतलब — अपमान करने वाला मौलाना चलता बना, और विरोध करने वाले हिंदू कार्यकर्ताओं को दंड मिला।


👨‍👩‍👧 अनुभाग 3: डिंपल यादव कौन हैं? — यादव नहीं, क्षत्रिय रावत

सच्चाई यह है कि डिंपल यादव यादव नहीं, उत्तराखंड की रावत राजपूत हैं — एक क्षत्रिय परिवार की बेटी।
अब यहां राजनीति की और गहराई दिखती है:

🔹 अखिलेश को डर है कि उनकी पत्नी की जाति यदि राजपूत पब्लिकली सामने आ जाए,
🔹 तो मुस्लिम समर्थकों को लगेगा कि उन्होंने एक क्षत्रिय स्त्री से विवाह किया है — यानी काफ़िर से संबंध
🔹 और फिर वोट बैंक खिसक सकता है।

❝ सोचिए एक पुरुष का अपने धर्म और पत्नी की रक्षा करने के बजाए, वोट की रक्षा करना कितना शर्मनाक है ❞


🧠 अनुभाग 4: डबल स्टैंडर्ड — जब ठाकुर बोले तो अपराध, जब मौलाना बोले तो मौन

इकरा हसन की बात करें — एक मुस्लिम युवती के लिए पूरा SP मुस्लिम खेमा खड़ा हो गया, जब एक ठाकुर लड़के ने विवाह की बात कही।

👎 लेकिन जब उसी इकरा हसन पर AI वीडियो बनाकर दो मुस्लिम लड़कों ने चरित्र हनन किया —
👉 तब कोई नहीं बोला, न मुस्लिम समाज, न समाजवादी पार्टी।

📢 यहां भी मापदंड बदल गए – मज़हब देखकर क्रोध और समर्थन तय होता है।


⚔️ अनुभाग 5: SP पार्टी की मुस्लिम वोट बैंक नीति — क्या हिंदू समझ नहीं रहे?

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मुस्लिम विरोधी बयान देने पर बाहर नहीं किया गया
लेकिन हिंदुओं के पक्ष में बात करने वालों को सज़ा दी गई

🚨 ये SP का साफ संदेश है —
🔴 “हमें तुम्हारे राम, तुम्हारे मंदिर, तुम्हारी पत्नी की इज्जत की जरूरत नहीं। हमें चाहिए सिर्फ़ मुस्लिम वोट।”

👉 क्या ऐसे दल को कोई भी स्वाभिमानी हिंदू समर्थन दे सकता है?


🔥 अनुभाग 6: क्या अखिलेश सिर्फ़ पति ही नहीं, नेता के रूप में भी असफल हैं?

राजा के लिए दो चीजें परम धर्म मानी गई हैं —

  1. अपनी प्रजा की रक्षा

  2. अपनी स्त्री की मर्यादा की रक्षा

लेकिन जब अखिलेश यादव न राजा जैसे व्यवहार करते हैं, न पति जैसे
तो फिर क्या उन्हें “कायर और बुजदिल” कहना अतिशयोक्ति है?

📍 एक शब्द नहीं बोलना
📍 मौलाना के आगे सर झुकाना
📍 पार्टी हित में पत्नी की बेइज़्ज़ती बर्दाश्त करना
ये सब इस बात को साबित करता है कि सत्ता की कुर्सी के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि नहीं, राजनीति का पाखंड अपनाया गया है।


🧭 अनुभाग 7: हिंदुओं को समझना होगा — कौन आपके साथ और कौन विरोध में

आज समय आ गया है कि हर हिंदू को यह पूछना चाहिए —

💥 क्या मेरी संस्कृति, मेरी स्त्रियों, मेरे देवी-देवताओं का अपमान करने वालों को वोट देना सही है?

💥 क्या सेकुलरिज़्म के नाम पर एकतरफा तुष्टिकरण ठीक है?

💥 क्या हर बार “चुप्पी” को सहन करना, आने वाले समय में अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भारत छोड़ना होगा?

🧠 अब सोचने का नहीं, सोच को बदलने का वक्त है।


📢 अनुभाग 8: अंतिम निष्कर्ष और संदेश

“एक कायर और बुज़दिल पति” सिर्फ़ एक भड़काऊ वाक्य नहीं है —
यह आज के हिंदू राजनेताओं की रीढ़विहीन स्थिति की सच्ची तस्वीर है।

🔴 डिंपल यादव का अपमान = हर हिंदू नारी का अपमान
🔴 अखिलेश का मौन = तुष्टिकरण का घिनौना प्रतीक
🔴 समाजवादी पार्टी की नीति = वोट बैंक के लिए हिंदुओं की बलि

🙏 अब समय है “सत्य के पक्ष में खड़े होने” का
🙏 अब समय है “सनातन रक्षा” के लिए आवाज़ उठाने का


📢 Call to Action by Guruji Sunil Chaudhary

Guruji की तरफ से एक भावपूर्ण निवेदन:

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🔚 समापन संदेश – एक नया भारत बनाना है

जय श्री राम का उद्घोष अब सिर्फ़ मंदिरों तक नहीं रहना चाहिए।
अब वो डिजिटल स्पेस, राजनीति, विचारधारा, और चेतना में भी होना चाहिए।
और इसके लिए हमें चाहिए असली शेर — न कि कुर्सी के कायर।

🚩 सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय
🇮🇳 वंदे मातरम्
🙏 Guruji Sunil Chaudhary

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